रात का सन्नाटा गहरा था, लेकिन पिया के कमरे में एक बेचैनी तैर रही थी। उसने एक पारदर्शी सफेद नाइटी पहनी थी, जो रेशम की तरह उसकी त्वचा पर फिसल रही थी। वह नाइटी इतनी झीनी थी कि उसके शरीर का एक भी हिस्सा ढका हुआ नहीं था। उसकी 36C की भारी छातियां उस महीन कपड़े के नीचे स्पष्ट रूप से उभर रही थीं, और उनके गहरे लाल निप्पल्स उत्तेजना और ठंड के कारण सख्त होकर कपड़े को बाहर की ओर धकेल रहे थे। उसकी 28 इंच की पतली कमर और 36 इंच के भारी कूल्हों का घुमाव उस पारदर्शी लिबास में किसी पाप की दावत जैसा लग रहा था।
पिया बार-बार घड़ी देख रही थी। शौर्य अभी तक नहीं आया था। ऑफिस की पार्टी, यही बहाना था। पिया का शरीर तड़प रहा था, उसकी जांघें आपस में रगड़ रही थीं और उसकी भीगी हुई चूत से हल्का सा रस रिसकर नाइटी को गीला कर रहा था। वह शौर्य के लिए सज-धज कर बैठी थी, लेकिन शौर्य की बेरुखी ने उसकी कामुकता को गुस्से में बदल दिया था।
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