सूरज की पहली किरण कमरे के पर्दों को चीरते हुए अंदर आई, लेकिन पिया की दुनिया अभी भी अंधेरे और भारीपन के बीच सिमटी थी। उसकी देह में एक अजीब सी जकड़न थी। जैसे ही उसने अपनी पलकें झपकाईं, उसे अपने निचले हिस्से में एक भारी दबाव महसूस हुआ।
शौर्य का अंगूठा अभी भी उसकी योनि के भीतर गहराई में धंसा था और ध्रुव का अंगूठा उसकी गुदा में जकड़ा हुआ था।
Write a comment ...